Tuesday, January 26, 2021

उपसर्ग एवं प्रत्यय

उपसर्ग एवं प्रत्यय

CTET मुख्य शिक्षण योग्यता पात्रता है जो CBSE द्वारा 31 जनवरी 2021 को आयोजित की जाएगी। CTET 2020 के दोनों पेपर में एक भाषा के रूप में हिंदी मुख्य विषय है। छात्र हमेशा CTET परीक्षा में 1 या 2 भाषा के रूप में हिंदी का चयन करते हैं। हिंदी विषय के परीक्षा पैटर्न और सिलेबस में दोनों प्रश्नपत्रों यानी हिंदी अनुच्छेद की समझ, हिंदी कविता की समझ और हिंदी शिक्षण शामिल हैं। इस खंड में कुल 30 अंक हैं।

यहां हम आपको CTET परीक्षा के विस्तृत हिंदी पाठ्यक्रम से संबंधित अध्ययन नोट्स प्रदान कर रहे हैं जो आपकी बेहतर तैयारी में आपकी सहायता करेंगे। आज का विषय है: उपसर्ग

उपसर्ग

शब्दांश या अव्यय जो किसी शब्द के पहले आकर उसका विशेष अर्थ प्रकट करते हैं, उपसर्ग कहलाते हैं।

उपसर्ग = उप (समीप) + सर्ग (सृष्टि करना) का अर्थ है- किसी शब्द के समीप आ कर नया शब्द बनाना। जो शब्दांश शब्दों के आदि में जुड़ कर उनके अर्थ में कुछ विशेषता लाते हैं, वे उपसर्ग कहलाते हैं।

उदाहरण:

प्र + हार = प्रहार

उप + कार = उपकार

आ + हार = आहार

हिन्दी में मुख्यतः चार प्रकार के उपसर्ग होते है:-

  • संस्कृत के उपसर्ग (तत्सम)
  • हिंदी के उपसर्ग (तद्भव)
  • उर्दू के उपसर्ग
  • अंग्रेजी के उपसर्ग (विदेशी)
  1. संस्कृत के उपसर्ग (तत्सम)

संस्कृत के 22 मूल उपसर्ग हैं:-

 

  1. हिन्दी के उपसर्ग (तद्भव)

हिन्दी के उपसर्ग ज्यादातर संस्कृत उपसर्गों के अपभ्रंश हैं, ये विशेषकर तद्भव शब्दों के पूर्व आते हैं:-

  1. उर्दू के उपसर्ग

उर्दू भाषा के निम्न उपसर्गों का प्रयोग किया जाता है:-


  1. अंग्रेजी के उपसर्ग

अंग्रेजी भाषा के निम्न उपसर्गों का प्रयोग किया जाता है:-


प्रत्यय

प्रत्यय = प्रति (साथ में पर बाद में)+ अय (चलनेवाला) शब्द का अर्थ है,पीछे चलना। जो शब्दांश शब्दों के अंत में विशेषता या परिवर्तन ला देते हैं, वे प्रत्यय कहलाते हैं।

जैसे- दयालु= दया शब्द के अंत में आलु जुड़ने से अर्थ में विशेषता आ गई है। अतः यहाँ 'आलू' शब्दांश प्रत्यय है।

प्रत्ययों का अपना अर्थ कुछ भी नहीं होता और न ही इनका प्रयोग स्वतंत्र रूप से किया जाता है। प्रत्यय के दो भेद हैं-

कृत् प्रत्यय

वे प्रत्यय जो धातु में जोड़े जाते हैं, कृत प्रत्यय कहलाते हैं। कृत् प्रत्यय से बने शब्द कृदंत (कृत्+अंत) शब्द कहलाते हैं।

जैसे- लेख् + अक = लेखक। यहाँ अक कृत् प्रत्यय है, तथा लेखक कृदंत शब्द है।

कुछ और उदाहरण भी देखिए-

तद्धित प्रत्यय

वे प्रत्यय जो धातु को छोड़कर अन्य शब्दों- संज्ञा, सर्वनाम व विशेषण में जुड़ते हैं, तद्धित प्रत्यय कहलाते हैं। तद्धित प्रत्यय से बने शब्द तद्धितांत शब्द कहलाते हैं।

जैसे- सेठ + आनी = सेठानी। यहाँ आनी तद्धित प्रत्यय हैं तथा सेठानी तद्धितांत शब्द है।

कुछ और उदाहरण भी देखिए-

 

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